प्यार कितना भी करो , जाहिर ना करो
Posted by rajtela1,
06 September 2010
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Ghazal Shayri Kavita
प्यार कितना भी करो ,
जाहिर ना करो
आग दिल मैं लगी हो,
जाहिर ना करो
दर्द दिल में होता है,
जाहिर ना करो
दिल कितना भी झूमे,
जाहिर ना करो
उनके आहट से कुछ होता है,
ज़ाहिर ना करो
देख के उनको ख्याल आएँ,
जाहिर ना करो
ख्याल से उनके,खुमार आये,
जाहिर ना करो
वो ख्वाबों मैं आएँ ना आएँ,
जाहिर ना करो
वो तुम को सताएँ,
जाहिर ना करो
नज़र किसी की ना लगे,
मैं जुदाई से डरता हूँ,
दूर से ही सही,
प्यार दिल से करता हूँ,
वोह खुश रहें,महफूज़ रहें,
इतना ही काफी है
दूरी कितनी भी खले,
ज़ाहिर ना करो
निरंतर प्यार करो,
ज़ाहिर ना करो
03-09-2010











